पेटेंट्स में हिस्सेदारी कीजिये!

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पेटेंट्स में हिस्सेदारी कीजिये!

मैं पिछले 20 साल से इस वीडियो में प्रदर्शित मॉडल्स से 10 गुणा एडवांस कांसेप्ट  लिये प्रशासन (या अन्य निवेशक ) के इंतजार में  बैठा हूँ..!
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यदि किसी में क्षमता हो और वे पेटेंट में हिस्सेदारी  के आधार पर, इस में / इस जैसे अन्य अनेक प्रोजेक्ट्स में शुरुआती खर्च उठाने तैयार हों तो उन्हें साथ में काम करके, उनका नाम इतिहास में अंकित कराने सहर्ष तथा ससम्मान आमंत्रित किया जाता है!
साथ ही उन्हें, शासन/प्रशासन से, नहर या नदी पर काम करने की अनुमति भी  दिलानी होगी!
( क्योंकि नदी या नहर खरीदकर नहीं लाये जा  सकते ना ही इनका निर्माण ही किया जा सकता..)
वीडियो देखिये! 

https://youtu.be/pf-vwWUrFnA

आपसे परिचय नहीं तो पता नहीं होगा कि मैं विशेष ईशाषीशित भी हूँ!
और हमेशा से विश्वस्त हूँ कि हर इंसान हर कुछ कर सकता है, नये रास्ते बना सकता है.. लेकिन अगर वो चाहे तो ही।.  जो भी इंसान चाहे वह कर सकता है! 

मेरे इस विश्वास का कारण मेरे अनुभव हैं
ईश्वर ने मुझे अनेक तरह की समस्यायें दीं और उनके समाधान भी ‘उसने’ ही दिये … इतनी समस्याएं और इतने निदान कि हर समस्या/ आवश्यकता / लक्ष्य को पाने के सर्वोत्तम मार्गों को दिखाते-दिखाते ‘उसने’ मुझे समाधानों का स्पेशलिस्ट ही बना दिया !
हालांकि मैंने इसे व्यवसाय नहीं बनाया..  कल तक ‘उसका’ निर्देश नहीं मिला था.. अब उसकी प्रेरणा है और बढ़ती उम्र के कारण शेष मार्ग सुयोग्य भागीदारों के साथ ही चलने संभव बचे हैं ..  बची हुई उम्र भी मानवता को समर्पित कर शीघ्रातिशीघ्र अधिकतम खोज सार्वजनिक करके ही दुनियाँ से जाना चाहता हूँ!
चाहता हूँ कि जनमंगल हेतु अधिकतम कर सकूं और कुछ भी जनविरुद्ध ना हो.. 
इसीलिये अपनों के साथ-साथ अन्जान सज्जनों से भी सार्वजनिक रूप से लाभ साझा करने के बदले सहयोग आमंत्रित कर रहा हूँ!
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अपनी समस्याओं और निर्धारित कठिन लक्ष्यों के लिये उचित मार्ग बनाते-बनाते अपनों की,  फिर सभी मिलने वालों की, सब तरह की समस्याओं के समाधान सुझाते आया हूँ… स्वयं को और सबको सुझाते सुझाते अनौखी योजनाएं बनाना आ गया!  फिर बताये रास्ते से आशीषित हो उस पर चलने वालों की आसमानी सफलतायें देखते-देखते व्यक्तिगत के साथ-साथ व्यावसायिक और  सार्वजनिक भी सटीक समस्या समाधान समझ आने लगे! तो जनहितकारी सुझाव संबंधित प्रशासकों को भेजना शुरु किया !
पहले 2007 से 09 तक बीमा उद्योग में मेरे 27 सुझाव पूरे देश में लागू हूए! फिर बैंकिंग में 10-12, एक से 5 तक नकली नोटों के बैंक में जमा हेतु पेश किये जाने संबंधी नया कानूनी प्रावधान, ठीक मेरे ईमेल से प्रेषित सुझाव के जैसा ही है ! वह ई मेल तब के माननीय वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी जी, एवं माननीय मुख्यमंत्री म.प्र. शिवराज सिंह जी को प्रेषित कर सुझावित किया गया था!
फिर आयकर में निवेश कर छूट पाने वालों में भ्रष्ट कर्मचारियों अधिकारियों को ही मिलते लाभ को निरुत्साहित करने,  बिना किसी निवेश के भी आयकर छूट की नई सीमा संबंधी तार्किक सुझाव, वर्तमान वित्त मंत्री माननीय  निर्मला सीतारमण जी को मेरे द्वारा ही भेजा गया था..!
फिर आम आदमी से गैस सब्सिडी छोड़ने की प्रधानमंत्री जी द्वारा आम आदमी से घरेलु गैस पर सब्सिडी छोड़ने की अपील का सुझाव भी मेरा ही था (कनाडा में दी स्पीच में उनने उल्लेख भी किया था! मैं सभी तरह की सब्सिडी समाप्ति पर 2012 से लेख लिखते आ रहा हूँ! हो रही है!)
आयकर की पूरी तरह समाप्ति की माँग और प्रतिपूर्ति का मार्ग अभी सुझावित है होने को हैं!
और भी अनेक सुधार ऐसे हैं जो देश में वैसे ही हुए हैं.जैसे मैंने (भी) सुझाव में भेजे.. !
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मेरे निर्देशों और आशीषों से  व्यक्तिगत उत्कर्ष पाने वालों में कुछ नाम और दिनाँक बताता हूँ… प्रियंका चौपड़ा अमेरिका जाने से पहले डीबी मॉल स्थित मेरी बैंक ब्रांच में 12 जुलाई 2015 को दोपहर में आईं, और तब के मेरे कथन अनुसार ही सारी दुनियाँ की सितारा बनकर चमक रही हैं!
विभा पटेल जी 1994 में प्रश्न की और सलाह अपनाकर कुछ ही समय बाद वे वो पा सकीं जो चाहती थीं, टी वी आर्टिस्ट रूपाली गाँगुली वर्मा  जी (2014-15 से ही मेरी बैंक ब्रांच में आते रहती थीं)  आज वे टीव्ही सीरियल्स की दुनियाँ में शीर्ष पर हैं! CEAC के डायरेक्टर दुबे जी (2008 से मेरी लिखित योजना पर चलकर ही अरबपति बने), ऑनडोर की लांचिंग के विज्ञापनों की टैगलाइन तक की योजना मेरी बनाई और रमाकांत उपाध्याय की फर्म नवइंफोटेक की डेवलप की हुई है! … और  भी जाने क्या-क्या है.. सब कुछ ना तो याद रह पाता ना कभी याद रखने / जताने की जरूरत ही लगी! 
मेरी व्यक्तिगत, पारिवारिक, व्यावसायिक, सामाजिक तथा स्वास्थ्य समस्याओं को भी, आत्मप्रेरणा देकर,  ‘उसने’ पूरी तरह समाप्त  करा दिया .. !  ‘उसने’ मेरे हाथ में बाद में वे सभी भाग्यशाली रेखाएँ बनाईं जो पहले बनानी रह गईं थीं!  मुझे कमर में 1990 से स्लिप डिस्क की समस्या थी (2001 में समाप्त), कांस्टीपेशन की समस्या थी 1980 से 2007 में समाप्त) , अनिद्रा की समस्या 1984 से (2009 तक समाप्त), लगभग 90-50 प्वाइंट तक का लो बीपी 1988-89 से रहा  (2013 तक समाप्त), हार्ट में ब्लॉकेज और लो पल्सरेट 50 से नीचे रहता था 2013-14 से (2019 तक ठीक /  अब पल्सरेट सामान्य), *आँखों पर 1999 में लगा चश्मा, 2013 में 7:50 प्वाइंट तक पहुंचने  के बाद 2020 तक दृष्टि पूरी तरह सामान्य, चश्मे की जरूरत नहीं रही!*
इसी तरह अनेकों अन्वेषणों के कांसेप्ट मैं हर संबंधित सक्षम से डिस्कस करते रहता था जो जब किये जा सकते थे (और बाद में ठीक वैसे ही हुए भी)…!  उनमें वैकल्पिक, सस्ती तथा सतत ऊर्जा की अनेक योजनायें वर्षों से बोलते -बताते आ रहा हूँ! जल प्रवाह प्रबंधन और स्वच्छता के क्षेत्र में अनेक योजनाएं हैं.. जिनपर  नगर निगम भोपाल (अध्यक्ष सुरजीत सिंह चौहान जी  द्वारा लिखित सिफारिश के  बाद भी) कमिश्नर ने सुनने/देखने  का समय नहीं दिया!  नगरीय प्रशासन, वैकल्पिक ऊर्जा विभाग सबने निराश ही किया किंतु अन्य देशों में अन्यों द्वारा मेरे सुझाव जैसी ही मशीनें, टर्बाइन निर्मित कर पेटेंट करा ली गईं योजनाओं में हालेंड का 700 मेगावॉट का ‘सोलर थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट’; ठीक वैसा ही जैसा मेरा कॉन्सेप्ट था. (और संबंधितों द्वारा अनसुना ही, मेरे पास ही रखा रह गया !)  वर्टिकल टर्बाइन , कोनल शेप में टर्बाइन में एक एक आस्ट्रेलिया और एक डेनमार्क की कंपनियों के नाम भी ठीक वैसे ही बनाकर पेटेंट कराया गया जैसा मेरा डिजाइन था…!  इस वीडियो में प्रदर्शित छोटी नदियों / नहरों को बायपास कर पानी को तेजी से बहाकर टर्बाइन घुमाने का यही डिजाइन भी मेरे पास रखा है… बेटों से बोला तो उनका इंट्रेस्ट नहीं है!  अब बहते पानी से बिजली बनाने पर दुनियाँ ने काम करना लगभग शुरू ही किया है… और मेरे पास बीसियों साल से अनेक योजनायें  पड़ी हैं तो साथ जुड़ने के इच्छुक लोगों को  सार्वजनिक आमंत्रित किया है..  क्योंकि मेरे अपनों के मुझमें विश्वास और स्वयं में आत्मविश्वास की भयंकर कमी और जोखिम उठाने की अक्षमता देखते-देखते अब तो उम्र ही बीतने को है…! सोचता हूँ कि काश सबके काम आ सकूँ!  इसीलिये वह.विज्ञापन चला रखा है!


वास्ते – ‘जनमंगल’

अच्छा या बुरा जैसा लगा बतायें ... अच्छाई को प्रोत्साहन मिलेगा ... बुराई दूर की जा सकेगी...

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