मूल श्रोत हूँ मैं!

द्वारा प्रकाशित किया गया

यहाँ जो भी सुख, सुविधाएं, साधन, सम्पत्ति, समृद्धि हैं उनका मूलश्रोत मैं ही हूँ..! इसीलिए मान-सम्मान का अधिकारी भी…!

मैं एक सत्य हूँ!


किन्तु कलयुगी धूर्त मेरे अपमान में आनंदित हैं.. अत: आने वाले  कल में कुछ भी शेष नहीं रहने वाला.. सब चुक जायेगा… सब!
मैं सद्भाव सुत “सौहार्द” हूँ!
और ‘#सत्य – #शिव – #सनातन- #श्रीकृष्ण- श्रीराम सहित समस्त शुभ का #मूलकारक भी मैं ही हूँ…

2 comments

अच्छा या बुरा जैसा लगा बतायें ... अच्छाई को प्रोत्साहन मिलेगा ... बुराई दूर की जा सकेगी...

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  बदले )

Connecting to %s