240.दोहा

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दूजे को तुम तौलते, कभी तो ख़ुद को तोल मत निकाल मुँह से कभी, यार तू कड़वे बोल ✍️सीमा कौशिक ‘मुक्त’ ✍️

240.दोहा

अच्छा या बुरा जैसा लगा बतायें ... अच्छाई को प्रोत्साहन मिलेगा ... बुराई दूर की जा सकेगी...

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